वो शमा क्या बुझे जिसे रौशन खुदा करे...
मैं 18 स्वर्ण पदक जीतने वाली तैराक (नताले डू टॉएट) हूँ। मेरा सिर्फ एक पैर सलामत है। ओलंपिक और कॉमनवेल्थ खेलों में अपने खेल का लोहा मनवाने के बाद अब मैं 2012 में लंदन में होने जा रहे ओलंपिक की तैयारियों में जुटी हूँ। वह 25 फरवरी, 2001 की सुबह थी, जब म...
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प्रवीण जाखड़
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[09 Oct 2009 23:21 PM]



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