राजा होना सुखी होने का मार्ग नहीं है, कदापि! - चाणक्य

chhammakchhallo kahis नेहरु सेंटर थिएटर फेस्टिवल की अगली प्रस्तुति थी मनोज जोशी कृत नाटक- चाणक्य. नीति और राजनीति के बात आने पर कौटिल्य चाणक्य का नाम ना आये, यह असम्भव है. राजनीति और छल प्रपंच राजनीत का अभिन्न हिस्सा है. यह राजनीति जब व्यक्ति से उठकर समाज की ओर जाती है तो... [पूरी पोस्ट]
writer Vibha Rani
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[10 Oct 2009 06:14 AM]

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