व्यक्तियों को वस्तु मत बनाओ

ओशो चिन्‍तन हम वस्तुओं के जगत में रहते हैं। न तो हम पदार्थ के जगत में रहते हैं और न हम स्वर्ग के, चेतना के जगत में रहते हैं। हम वस्तुओं के जगत में रहते हैं। इसे ठीक से, अपने आस-पास थोड़ी नजर फेंक कर देखेंगे, तो समझ में आ सकेगा। हम वस्तुओं के जगत में रहते हैं-वी ल... [पूरी पोस्ट]
writer राजेंद्र त्‍यागी

धर्म-अध्यत्मिचन्‍तन

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[09 Oct 2009 02:10 AM]

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