सुख और दुख एक ही अनुभव के नाम
म नुष्य के अनुभव में, प्रतीति में सुख और दुख दो अनुभूतियां हैं-गहरी से गहरी। अस्तित्व का जो अनुभव है, अगर हम नाम को छोड़ दें, तो या तो सुख की भांति होता है या दुख की भांति होता है। और सुख और दुख भी दो चीजें नहीं हैं। अगर हम नाम बिलकुल छोड़ दें, तो सुख...
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राजेंद्र त्यागी
धर्म-अध्यत्मिचन्तन
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[12 Oct 2009 19:30 PM]



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