काम की हद तक हमारा काम है...!
कामयाबी के नहीं हम जिम्मेदार काम की हद तक हमारा काम है ज़ब्र उस मुख्तार पर क्यों कर करें अर्ज़ कर देना हमारा काम है हुस्ने सूरत को नहीं कहते हैं हुस्न हुस्न तो हुस्ने अमल का नाम है रह सके किस तरह अमजद मुतमईन ज़िंदगी खौफ़े खुदा का नाम है ===============...
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Dr. Chandra Kumar Jain
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[05 Oct 2009 11:29 AM]



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