अमर प्रेम -----------अन्तिम भाग
गतांक से आगे ......................... अब अर्चना गहन अंधकार और निराशा में डूबती चली गई और दिन पर दिन खामोश होती चली गई । उसके जीने की इच्छा ही जैसे खत्म होती चली गई । धीरे- धीरे उसकी सेहत गिरने लगी । समीर डॉक्टर को दिखाता , एक से बढ़कर एक इलाज कराता...
[पूरी पोस्ट]
वन्दना
16
1
0
1
3
[05 Oct 2009 02:28 AM]



Shuffle








