विदुर नीति-मतिमान और गतिमान को सहारा देने वाले ही संत
गतिरात्मवतां सन्तः सन्त एवं सतां गतिः। असतां च गतिः सन्तो न त्वसन्तः सतां गतिः।। हिंदी में भावार्थ- मतिमान और गतिमान पुरुषों को सहारा देने वाले संत हैं। संतों को भी सहारा देने वाले संत हैं। असत्य पुरुषों को भी संत सहारा देते हैं पर दुष्ट लोग किसी को...
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दीपक भारतदीप
dharmआत्म-विकास
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[05 Oct 2009 00:51 AM]



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