बीकानेर में उदास हैं रिक्शे, तांगे, ठेले वाले...

pwaindia जन कवि हरीश भादाणी का 2 अक्‍टूबर, 2009 को निधन हो गया। मेरी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि। हरीश भादाणी जनकवि थे, यह तो सभी जानते हैं। क्या दूसरा भी कोई जनकवि है? शायद होगा, लेकिन मुझे नहीं पता। मैंने तो अपने जीवन में एक ही जनकवि देखा है-हरीश भादाणी। जो ठे... [पूरी पोस्ट]
writer ish madhu talwar

श्रद्धांजलि

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[04 Oct 2009 23:23 PM]

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