ब्रेकिंग न्यूज की मजबूरी क्यों?

आशियाना कुछ दिन पहले कई चैनलों वाले बड़े मीडिया ग्रुप के एक छोटे या फिर कहें मंझोले हिंदी चैनल के संपादक को पढ़ रहा था। वह छोटे और मध्यम श्रेणी के चैनलों की परेशानियां गिना रहे थे। उनका कहना था कि छोटे चैनलों की कई मजबूरियां हैं। बकौल संपादक, छोटे चैनल कितना... [पूरी पोस्ट]
writer रवीन्द्र रंजन

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[04 Oct 2009 19:22 PM]

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