मौत तू एक कविता है...
मौत तू एक कविता है... मुझसे एक कविता का वादा है मिलेगी मुझे डूबती नब्ज़ों में जब दर्द को नींद आने लगे ज़र्द सा चेहरा लेकर जब चाँद उफ़क़ तक पहुंचे दिन अभी पानी में हो, रात किनारे के क़रीब न अँधेरा न उजाला हो, न अभी रात न दिन ज़िस्म जब ख़त्म हो और रूह को...
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रामकृष्ण गौतम
मौत का वादा
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[04 Oct 2009 09:02 AM]



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