ये कैसा है पोरुष तेरा
ये कैसा है पोरुष तेरा ये कैसा है दंभ अबला की लुटती लाज देख जो बहरा बन , मूक हो नज़र चुरा चला जाए करुण पुकार भी न जिसका ह्रदय विदीर्ण कर पाए फिर ये कैसा है पोरुष तेरा ये कैसा है दंभ अत्याचारों की बानगी देख असहाय , निर्दोष की हृदयविदारक चीख सुन भी जो सि...
[पूरी पोस्ट]
वन्दना
23
3
0
3
10
[04 Oct 2009 07:32 AM]



Shuffle








