ईमानदारी और आस्था ने क्या दिया उसे
आज उसके घर में चूल्हा नहीं जला हांडी बर्तन सब कोसते रहे अपने को खैरात में मिला अनाज लौटा जो दिया था...! ईमानदारी और आस्था ने क्या दिया उसे सिवाय आशा के ढिबरी भी ढुलक गयी मां का आंचल भी जल गया । बच्चों ने भी कहा - बाबू को कल काम जरूर मिलेगा मां का कले...
[पूरी पोस्ट]
हेमन्त कुमार
17
0
0
0
6
[04 Oct 2009 07:17 AM]



Shuffle








