‘हम दीवानों की क्या हस्ती, हैं आज यहाँ, कल वहाँ चले’
भगवतीचरण वर्मा की पुण्यतिथि 5 अक्तूबर पर विशेष ‘हम दीवानों की क्या हस्ती, हैं आज यहाँ, कल वहाँ चले’ भगवतीचरण वर्मा (30 अगस्त, 1903 - 05 अक्तूबर, 1981) ने प्रायः सभी विधाओं में सृजन किया. वे एक संपूर्ण साहित्यकार थे. लेकिन कविता वर्माजी की अंतरात्मा...
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गुर्रमकोंडा नीरजा
स्रवंति
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[03 Oct 2009 11:37 AM]



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