समन्दर कभी ख़ामोश नहीं होता
हरीश भादानी जी नहीं रहे. कल २ अक्टूबर को उनका निधन हुआ.
जो उन्हें जानते हैं, वे सब जानते ही हैं.
वे जन-आंदोलनों के प्रिय जनकवि रहे हैं. कई कला-विधाओं के जरिए जन-जन की पीड़ा को अभिव्यक्त करने और जागॄति की अलख जगाने वाले, बीकानेर (राजस्थान) के भादानी जी...
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रवि कुमार, रावतभाटा
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[03 Oct 2009 10:44 AM]



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