टिम-टिम करती मेरी आशा का
जुगनू की तरह मेरी आशा बुन लेती है सन्सार पिया मेरी आँखों में पाओगे तुम अपना ही तो सार पिया दिल में मैं छुपा के रख लेती ये जग काँटों का हार पिया अट जाये फूलों से रास्ता ऐसा हो तेरा घर-द्वार पिया छल किया है किस्मत ने मुझसे कैसे कह दूँ इसे दुलार पिया हर...
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शारदा अरोरा
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[03 Oct 2009 04:05 AM]



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