वीरान बालकोनी
रोज़ाना आज भी सुबह बालकोनी पर खड़े अंगडाई लेने ही वाले थे कि याद आया सामने ख़ूबसूरत पड़ोसन कल ही किसी और जगह नया फ़्लैट ख़रीदकर शिफ़ट होगए। वैसे पिछले दो वर्शों से बाकाईदा सुबह ठीक समय पर अंगडाई लेने हम अपनी बालकोनी पर तैयार रहते कि आजसे अपने बिसतर पर...
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शुऐब
ये ज़िनदगी
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[03 Oct 2009 02:26 AM]



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