मुरली तेरा मुरलीधर 22

अखिलं मधुरम् दुख का मुकुट पहन कर तेरे सम्मुख सुख आता मधुकर सुख का स्वागत करता तो दुख का भी स्वागत कर निर्झर सुख न रहा तो दुख भी तेरे साथ नहीं रहने वाला टेर रहा क्रीड़ाविशारदा  मुरली   तेरा    मुरलीधर।।121।। प्रेम भिखारी न उससे कुछ भी... [पूरी पोस्ट]
writer हिमांशु । Himanshu
views
17
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[02 Oct 2009 21:10 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix