प्रतियोगी परीक्षा का भक्ति वेदांत -अध्याय २ (लगातार)

प्रकाश पाखी श्री भगवान् उवाच- हे,घंटाल कम्पीटीटर !मैंने सांख्य द्वारा गलाकाट कम्पीटिशन के इस ज्ञान का वर्णन किया है.अब मैं निष्काम भाव से लोगों का गला कैसे काटा जाय उस कर्म योग का वर्णन करता हूँ, उसे सुनो.हे पार्थ!तुम यदि ऐसे ज्ञान से अपने नजदीक रहने वाले,या मदद... [पूरी पोस्ट]
writer प्रकाश पाखी
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[02 Oct 2009 13:13 PM]

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