मेडीटेशंस - प्रथम अध्याय ( किश्त - ५ )
१३ केटालुस से सीखा कि : किसी भी मित्र द्वारा की गई आलोचना को नकारा न जाए, भले ही वह आलोचना कितनी भी बेतुकी (unreasonable) जान पड़े; बल्कि उस मित्र को प्रयासों द्वारा पुनः उसके सामान्यतः किए जाने वाले व्यवहार में लौटा लाना चाहिए। ये भी सीखा कि अपने किस...
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Rahul Singh
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[01 Oct 2009 17:31 PM]



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