फैलता-सिकुड़ता भविष्य

विचार करने के लिए कुछ विचार वक्त के दायरे में चाहे भविष्य ही क्यों न हो, जब फंसता है तो फैलता भी है और सिकुड़ता भी है। कैसे? दिल्ली जाने के लिए किसी ने बस पकड़ी, किसी ने ट्रेन तो कोई हवाई जहाज पर ही उड़ चला। तीन व्यक्ति का एक भविष्य दिल्ली पहुंचना वक्त के दायरे में कैसे फैला और... [पूरी पोस्ट]
writer Kaushal

भविष्य की चिंताएं

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[01 Oct 2009 13:10 PM]

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