रावण की रक्ष संस्कृति
राक्षस राज रावण महाप्रतापी था। उसका उद्देश्य था अपनी रक्ष संस्कृति को दूर-दूर तक फैलाना। उसने उस समय के सात भू-भाग में अपनी संस्कृति का सिक्का जमाया भी। राक्षस जाति या रक्ष संस्कृति के लोग तामसी प्रवृति के मांसाहारी थे। वे नरभक्षी भी थे इसलिए आर्य वि...
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बच्चन सिंह
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[01 Oct 2009 01:11 AM]



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