दूसरे रावण की तलाश में राम

मीठी मिर्ची मैं दशहरे की धूमधाम देखकर लौट रहा था कि देर रात राम से मुलाकात हो गई। जटाएँ बिखरी हुई, पसीने से तरबतर, गैरिक वस्त्र धूल-धूसरित, चेहरे पर परेशानियों की अनगिनत रेखाएँ, आँखों में आँसू थामे हुए, तकरीबन पराजित से। पहले रामलीला में और फिर टीवी में उनकी शक्... [पूरी पोस्ट]
writer ओम द्विवेदी
views
16
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
1
[30 Sep 2009 10:11 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix