ये जो लिख रहा हूं मैं
क्या? ये गहरा प्रेम मेरा सार्थक हो पाएगा या यूं ही सदा शब्दों के फूल खिलाने होंगे।। क्या? तुम समझोगे इनके अर्थ ये जो लिख रहा हूं मैं इसका कुछ तो मतलब होगा या यूं ही अनजाने से पड़े रहेंगे / कागज पर चुपचाप।। मेरे मन के भावों की सीमा को नाप सकोगे क्या?...
[पूरी पोस्ट]
जितेंद्र भट्ट
मेरी रचना
23
1
0
1
2
[30 Sep 2009 08:26 AM]



Shuffle








