बापू बताओ.....!

बावरे-फकीरा हे राम ! और जय श्री राम में अब अंतर हो गया है र+अ +म+अ=राम अब सिर्फ़ शब्द रह गया है ! जो भी था राम उस राम में से खो गया है ! तब से अब तक मैं ही पिट रहा हूँ ! चल नहीं बापू मैं तो घिसट रहा हूँ !! आम आदमीं हूँ न ! ख़ास को मिलने वाले प्रिवलेज से वंचित हू... [पूरी पोस्ट]
writer गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल'

के साथ प्रश्न

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[30 Jan 2009 09:07 AM]

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