चन्द शेर पेशे ख़िदमत हैं मुलाहिज़ा फ़रमाएंगे?
दोस्ती इन्सान की ज़रूरत है ! दिलों पे दोस्ती की हुक़ुमत है !! आपके प्यार की वजह से ज़िन्दा हैं ! वर्ना खुदा को भी हमारी ज़रूरत है !! इससे पहले कि दिल में नफ़रत जागे, आओ इक शाम मोहब्बत में बिता दी जाय करके कुछ मोहब्बत की बातें इस शाम की मस्ती बढ़ा दी जाय न...
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vimal verma
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[30 Sep 2009 02:38 AM]



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