ऐ चांद! इंसानों से जरा बचकर रहना

हथौड़ा अब सब को चांद चाहिए। चांद पर ठिकाना चाहिए। सब चांद पर जमीन की तलाश में हैं। चांद पर उन्हें भी जमीन चाहिए जिनकी धरती पर अपनी कोई जमीन नहीं है। चांद पर पानी क्या मिला हर कोई चांद का पानी पीने को बेताव है। धरती का पानी उन्हें रास नहीं आ रहा। कह रहे हैं... [पूरी पोस्ट]
writer अंशुमाली रस्तोगी

आईना

views
27
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
3
[30 Sep 2009 01:37 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix