ब्लॉगवाणी: शंभु भये जगदीश

बकौल बेद छोटी सी बात पर क्रोध उचित नहीं। कभी-कभी जो चीज हमारे लिए छोटी होती है वही चीज दूसरे के लिए बड़ी होती है। लेकिन जब सवाल एक बड़ी कम्युनिटी के हित का हो किसी भाषा(खासकर अपनी हिन्दी) और विचार-प्रवाह के हित का हो तो अपमान और लांछन के कड़वे घूंट को पी जाना... [पूरी पोस्ट]
writer वेद रत्न शुक्ल
views
26
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
2
[29 Sep 2009 12:22 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix