ब्लागवाणीः आदि, अंत, अनंत…
ब्लागवाणी भी एक प्रयोग ही था. मार्च-अप्रैल 2007 में जब ब्लागवाणी की शुरूआत की गयी थी तो लक्ष्य क्या था? हिन्दी में ब्लाग बढ़ने लगे थे. दिल्ली में सामान्य सा व्यापार करनेवाले मैथिली गुप्त ने सोचा कि हिन्दी के ब्लागों के लिए एक ऐसा एग्रीगेटर होना चाहिए...
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sanjay tiwari
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[28 Sep 2009 03:50 AM]



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