ज़िंदगी के रंग - अमिताभ जी के संग।
आज अमिताभ जी अपनी "ज़िदगी के रंगो" से हमें रु-ब-रु करा रहे हैं। जीवन का नाम ही संघर्ष है। जो प्रकृति प्रद्त्त सनातन है। इसलिये संघर्ष कब किसका खत्म हुआ जो मेरा होगा। हाँ, इसके रूप में समय के साथ बदलाव आते रहे। पहले खोने के लिये कुछ नहीं था तो संघर्ष म...
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सुशील कुमार छौक्कर
ज़िंदगी के रंग
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[28 Sep 2009 01:10 AM]



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