ब्लोगवाणी का मामला इमोशनलात्मक हो गया है ,आइये इन्हे मनायें
आज दो दिनों के बाद जब देखना चाहा कि ब्लोगजगत में नया क्या है, तो ब्लोगवाणी का पेज़ नहीं खुला . किंतु यह क्या ?ब्लोगवाणी के पृष्ठ पर एक घोषणा पढ़ी तो माथा चकराया. तुरंत चिट्ठाजगत लोग ओन किया. अविनाश वाचस्पति की रपट पर ध्यान गया. बात पूरी तो नहीं पर कुछ...
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अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
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[27 Sep 2009 17:23 PM]



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