छुट्टी का एक दिन और बर्गमैन से मुलाकात
आज का दिन बस ऐसे ही गुजर गया। बहुत कुछ करने की योजनाएं बनाते और कुछ भी न करते हुए। लिव टू टेल द टेल, सीन्स फ्रॉम ए मैरिज, सोशलिज्म इस ग्रेट और कसप के डीडी और बेबी के साथ। सबके दरवाजे खटखटाए, लेकिन किसी के ठिकाने पर मन रमा नहीं। इधर-उधर टहलती रही। स...
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मनीषा पांडेय
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[27 Sep 2009 09:58 AM]



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