गुलजार की नज्‍म 'सूर्य ग्रहण'

DHAI AKHAR ढाई आखर कल सुबह सूर्य ग्रहण है। पूर्ण सूर्य ग्रहण। खग्रास सूर्य ग्रहण। खास चश्‍मा पहनें और यह अद्भुत खगोलीय घटना जरूर देखें। तब तक गुलजार साहब की यह नज्‍म पर पढ़ें- 'सूर्य ग्रहण' कॉलेज के रोमांस में ऐसा होता था/ डेस्क के पीछे बैठे-बैठे/ चुपके से दो हाथ सरकते... [पूरी पोस्ट]
writer Nasiruddin

साहित्‍य

views
34
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
5
[21 Jul 2009 11:30 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix