इसीलिये तो........
जानवर*~*~*~*~*~*~* जमीन थी मेरी......मगर आसमां उसका का था इसी लिये मुझे खुद पर........ गुमान उसका था मैं अब जो धुप में जलता हुं......उसी का है करम मैं जिसकी छांव में था.......वो पेड़ का था वो जिसके वास्ते लड़ता रहता था मैं सबसे मेरे खिलाफ़ ही..............
[पूरी पोस्ट]
गोविन्द K. प्रजापत "काका" बानसी
वो तेरा नाम था.....
23
1
0
1
2
[21 Jul 2009 09:36 AM]



Shuffle








