vishwas

दायरे आज इश्वर कही चुप गया है ऐ हवा जाके तुम दुन्दो अगर कही मिल जाए तो पैगाम मेरा तुम ये देना कलयुग में सब कुछ बदल गया साँस लेना मुश्किल हो गया हर अर्थ का अनर्थ हो गयामसलन साधू भोगी हो गया दिल से साफ सच्चे इंसानों को पागल कहते है अब वास्तव में तुम्हारे अवत... [पूरी पोस्ट]
writer USHA GAUR
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[21 Jul 2009 08:20 AM]

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