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दिल्ली के स्कूलों का एक अघोषित उद्देश्य यह भी है कि पेरेंट्स को भी प्रोग्रेस, ज्ञान और विद्या के पथ पर अग्रसर करते रहे हैं। संस्कृत के एक श्लोक का आशय है कि विद्यार्थिनो को कुत सुख यानी विद्यार्थियों को सुख कहां। सो दिल्ली के स्कूल पेरेंट्स के सुख हर...
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alok
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[20 Jul 2009 19:10 PM]



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