** जीवन क्या है? ** (~जयंत)
वो जीवन भी क्या जीवन है, जो घुटनों पर चल कर हो कटा, वो हस्त नहीं, बस माटी है, जो जिस तिस के आगे हो फैला, सीना वो व्यर्थ किया धड़का, जिसमें ना स्वाभिमान भरा, उत्तम है शीश, जो भूमि पर पड़ा, जब कंधों पे रहा, तब नहीं झुका.... ~जयंत चौधरी July 11, 2009...
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Jayant Chaudhary
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[20 Jul 2009 12:46 PM]



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