ग़ज़ल - आदमी के पर नहीं होते
आदमी के पर नहीं होते हौसला परवाज़ देता है आँख में सपने अगर हों तो रास्ता आवाज़ देता है बात कितनी भी पुरानी हो वो नए अंदाज़ देता है सोचता हूँ मेरे दुश्मन को कौन मेरे राज़ देता है लौटकर आया है कोई क्या क्यों उससे आवाज़ देता है जब ग़ज़ल को शक्ल देता हूँ त...
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kavideepakgupta
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[19 Jul 2009 01:28 AM]



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