मौत सामने थी....

कलम विमान में छेद और मौत सामने थी यह एक सच्चाई है कि आदमी कभी यह नहीं सोचता कि किस पल कहाँ मौत उसके सामने आ खड़ी हो जाएगी! इसे भी भाग्य का खेल कहा जाएगा कि कोई-कोई मौत के मुँह से निकल कर आ जाता है। और...वह जब ऐसी घटना से उबरता होगा तो उसकी क्या मानसिकता... [पूरी पोस्ट]
writer cmpershad
views
22
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
5
[18 Jul 2009 09:43 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix