गीत

जीवन सन्दर्भ दिन बहुत बीते, नहीं अब याद मुझ को गीत पहला // रागिनी सी उम्र थी और प्यार था संतूर सा , अश्रु कण भी नहीं थे और दर्द भी था दूर सा,जी रहा था पुष्प सा , मधुगंध सी थीं तुम प्रिये ,रूप की इस धूप में हर हर शक्श था मजबूर सा ,आज भी है याद मुझको बात पहली ,प्या... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह
views
23
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
5
[17 Jul 2009 22:39 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix