राखी सावंत : वरण की स्वतंत्रता : स्वतंत्रता का वरण
लोग देखते हैं तुम्हारा चेहरा तुम्हारा बदन तुम्हारा काम और अंदाजा लगा लेते हैं बल्कि यक़ीनन जान लेते हैं तुम्हारे व्यक्तित्व को, तुम्हारी तेज चलती ज़बान पुरूषों को संस्कृति, सभ्यता, परम्परा जैसी चट्टानों पर भीम के गदा की गूँज-सी सुनाई पड़ती है। तुम्हा...
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अपराजिता
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[17 Jul 2009 07:43 AM]



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