मुझे लौट कर घर ही जाना है।
कहां भूल पाता हूं, मुझे लौट कर घर ही जाना है दिन भर कई तरह के लोगों से मिलना कभी अपने स्वार्थ से, कभी किसी की मदद के लिए सुंदर लड़कियां, सत्ता के गलियारों में ठहलते दलाल कभी विद्वानों से, कभी संघर्षरत पत्रकारों से पटना के पुराने दोस्त, दिल्ली के नए प...
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Rajiv K Mishra : Roam-antic Realist
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[17 Jul 2009 01:28 AM]



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