वो मिरे दिल में गज़ल लिखता है बस मुस्कान से

कुछ शब्द ये आप सब का स्नेह है जो मुझे निरंतर लिखने की प्रेरणा देता है। पिछले दिनों गुरूपूर्णिमा पर गुरूदेव श्री पंकज सुबीर जी को दो शेर समर्पित किया था। आज उस पूरी गज़ल के साथ हाज़िर हूं। और हां, एक बात और, कुछ लोगों को उत्सुकता है मेरे बारे में जानने की पर मैं... [पूरी पोस्ट]
writer रविकांत पाण्डेय
views
21
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
12
[16 Jul 2009 06:10 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix