प्रो. सभ्भरवाल की हत्या पर हत्यारों का क्रूर अट्टहास और विष्णु नागर की कविता
हत्यारे जश्न मना रहे हैं। इंसाफ उनकी जेब में जो है। कॉलेज में सैकड़ों लोगों के सामने प्रो. सभ्भरवाल को मारने वाले एबीवीपी के प्रदेश अध्यक्ष और सचिव सबूतों के अभाव में अदालत से बरी हो गये। जज ने माना कि इंसाफ नहीं हो पाया। इंसाफ हो भी कैसे सकता है...
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Kapil
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[15 Jul 2009 23:36 PM]



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