हाँ तुम बिल्कुल वैसी हो जैसा मैने सोचा था

कुछ हम कहें शाम यही कोई साढ़े पाँच बजे घर लौटे थे, पेट में चूहे वर्ल्ड कप जीत चुके थे, बहुत दिनों के इंतजार के बाद वर्षा रानी का मूड ठीक हुआ है और बम्बईवासियों ने राहत की सांस ली है। बरखा रानी ने घर की बाहरी दिवारें धो पौंछ दी हैं और कमरे के अंदर की छत पर भी सो च... [पूरी पोस्ट]
writer anitakumar
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[15 Jul 2009 15:49 PM]

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