काश

LIFE: AS I SEE IT काश वो दिन मुझे मिल जाएँ फ़िर से एक नीड़ बनाने की चाहत है..... चुन कर मुट्ठी भर तिनकों से वो तिनके आशा से जगमग ..... स्वर्णिम मुझे मिल जाएँ फ़िर से एक नीड़ सजा लूँ आज कहीं एक छोटी सी दुनिया चुन कर एक नीड़ सजा लूँ आज तेरे आने के कुछ सपने बुन कर एक पर्ण... [पूरी पोस्ट]
writer Paridhi Jha
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[15 Jul 2009 14:57 PM]

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