घो-घो रानी, थोड़ा है पानी

नन्हें पंख घो-घो रानी, थोड़ा है पानी उदास है नानी।घो-घो रानी, कितना पानी का खेल अब हकीकत बन कर हलक को तरसाने लगा है। नन्हे पंखों नानी की चिंतित इसलिए है कि कल को उनके बच्चों को प्यास लगेगी तो पानी कहां से आएगा। अभी दो दिन पहले ही नानी हरिद्वार की यात्रा से लौटी... [पूरी पोस्ट]
writer amlendu asthana
views
16
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
1
[15 Jul 2009 14:19 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix