ताज बेगम
कहते हैं कि मुगलों के ज़माने में दिल्ली में ताज बेगम रहा करती थीं जो शरियत की सीमाओं से अलग खुदा की बंदगी में दिन गुज़ारा करती थीं। जब सच्चे प्रेमी से लौ लग गई तो पूजा पाठ कौन करे, नमाज़ कौन पढ़े? जहाँ प्रेम तां नैम नहीं, तां नहीं बुद्धि विचार।प्रेम मग...
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Nanak
भक्ति
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[13 Jul 2009 08:25 AM]



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