सूखे में बारिश का इंतजार

पहलू पिछले पंद्रह दिनों से यही हाल है। कभी सुबह से ही ऐसा माहौल बनता है जैसे अभी जम कर बारिश हो जाएगी। लेकिन थोड़ी ही देर में बादल साफ हो जाते हैं या धुंधले पड़ जाते हैं। कभी शाम को बिजलियां कड़कती हैं लेकिन सारा किस्सा कहीं दूर का मालूम पड़ता है। हवा में... [पूरी पोस्ट]
writer चंद्रभूषण

रामझरोखा

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[14 Jul 2009 10:39 AM]

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