कुछ ऐसा भी है भविष्य का मैकेनिज्म
आदमी अनाम और शिशु के स्वरूप में जन्म लेता है। शिशु का भविष्य क्या है? उसका नामकरण, उसका लालन-पालन। फिर भविषय क्या है? उसका सही तरीके से पठन-पाठन। फिर क्या है? उसका रोजी-रोजगार। फिर क्या? शादी विवाह। फिर? बाल-बच्चे। इसके बाद ? अपने बच्चों का पालन-पोषण...
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Kaushal
भविष्य की चिंताएं
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[14 Jul 2009 05:07 AM]



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