मिज़ाज फूलों का

भीगी गज़ल जिस्म सन्दल, मिज़ाज फूलों का रात देखा है, ताज फूलों का तेरी खुश्बू , तेरी ही यादें हैं मेरे घर में है, राज फूलों का हुस्न के, नाज़ भी उठाता है इश्क़ को, इहतियाज फूलों का इहतियाज = Need नफ़रतों को, मिटा हैं सकते गर आग को दें, इलाज फूलों का थक गये राग-... [पूरी पोस्ट]
writer श्रद्धा जैन
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[13 Jul 2009 07:48 AM]

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